आयकर विभाग ने आम लोगों के नकद लेनदेन को आसान बनाने के लिए नए नियम पेश किए हैं। ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होने की संभावना है और इसके साथ ही PAN (Permanent Account Number) की जरूरत में भी बदलाव आए हैं।
PAN की नई सीमा
पहले, यदि कोई व्यक्ति एक दिन में ₹50,000 से ज्यादा नकद जमा करता था, तो PAN देना अनिवार्य था।
अब नया नियम:
- वित्तीय वर्ष में कुल ₹10 लाख तक की नकद जमा या निकासी पर PAN की आवश्यकता नहीं होगी।
- इसका मतलब है कि छोटे और मध्यम लेनदेन करने वाले लोगों के लिए बैंकिंग अब आसान और कम झंझट वाली हो जाएगी।
नकद जमा और निकासी के नियम
नकद जमा
यदि किसी व्यक्ति के सभी बैंक खातों में साल भर में कुल जमा ₹10 लाख से कम है, तो PAN देना जरूरी नहीं है।
नकद निकासी
बैंक, सहकारी बैंक या डाकघर से सालाना ₹10 लाख तक की नकद निकासी पर PAN की आवश्यकता नहीं होगी।
निष्कर्ष: छोटे लेनदेन अब सीधे PAN की सीमा में नहीं आएंगे, जिससे रोज़मर्रा की बैंकिंग सरल होगी।
विशेषज्ञों की सलाह
Abhishek Soni, CEO & Co-founder, Tax2win कहते हैं:
“यह बदलाव आम लोगों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाता है। हालांकि, ₹10 लाख से ऊपर के लेनदेन पर निगरानी जारी रहेगी।”
Aditya Bhattacharya, Partner, King Stubb & Kasiva कहते हैं:
“पहले कम राशि पर PAN अनिवार्य होने से रोज़ाना के लेनदेन की रिपोर्टिंग बढ़ जाती थी। नई सीमा अब केवल बड़े लेनदेन पर ध्यान केंद्रित करती है और कर अनुपालन को सरल बनाती है।”
छोटे व्यवसाय और व्यक्तिगत उपयोग के लिए फायदे
- छोटे व्यवसाय और नियमित नकद उपयोग करने वाले लोग अब हर छोटे लेनदेन पर PAN देने से बचेंगे।
- इससे बैंकिंग प्रक्रिया तेज और आसान हो जाएगी।
ध्यान रखने योग्य बातें
- नए नियम केवल PAN की आवश्यकता बदलते हैं।
- TDS, TCS और अन्य रिपोर्टिंग नियम अभी भी लागू हैं।
- PAN को सदा वैध और आधार से लिंक रखना अनिवार्य है।
- लेनदेन का सही रिकॉर्ड रखना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी भी कर जाँच में समस्या न आए।
निष्कर्ष
- नए ड्राफ्ट नियम आम करदाताओं के लिए राहत लेकर आए हैं।
- रोज़मर्रा के नकद लेनदेन अब सरल और परेशानी रहित होंगे।
- ध्यान रखें कि उच्च-मूल्य लेनदेन पर निगरानी और कर अनुपालन की जिम्मेदारी हमेशा बनी रहेगी।
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विशेष सुझाव: यदि आप नियमित रूप से नकद लेनदेन करते हैं, तो सालाना ₹10 लाख तक का हिसाब रखें। इससे किसी भी PAN से जुड़ी परेशानी से बचा जा सकता है और बैंकिंग प्रक्रिया सुचारू रहेगी।



